बिलासपुर में अब कोहरे का ‘कहर’

बिलासपुर। मौसम की बेरुखी लोगों पर भारी पड़ने लगी है। दो रोज पहले हुई बारिश के बाद मौसम खुला तो कोहरे का ‘कहर’ बरप पड़ा। कोहरे की मार से बिलासपुर में हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ गई है। सुबह और शाम का तापमान शून्य के करीब पहुंचने लगा है। ठंड की वजह से लोग घरों में दुबककर बैठने को विवश हैं। धुंध के कारण बच्चे और बुजुर्ग छुटपुट बीमारियों की चपेट में भी आने लगे हैं।
जनपद बिलासपुर में इन दिनों घना कोहरा पड़ रहा है। सुबह लगभग 11 बजे तक सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो रहे। चंद मीटर दूर के बाद कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा। जिला के अस्पतालों में बच्चों और बुजुर्गों के बीमार होकर पहुंचने का क्रम भी शुरू हो गया है। इन दिनों ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को कोहरे के इस मौसम में ऐतिहात बरतने की सलाह दी है। ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या में लगभग 10 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक बिलासपुर का न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री और अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस है। सुबह और शाम कड़ाके की ठंड तथा दोपहर को गर्मी का अहसास होने से भी लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ने की आशंका बनी रहती है।
कोहरे की मार के बावजूद स्कूली बच्चे ठिठूरते हुए घने कोहरे में स्कूल जाने के लिए विवश हैं। निजी और सरकारी स्कूलों यहां सुबह नौ बजे शुरू हो जाते हैं।

फसलों को बचाने के लिए धुआं करें
बिलासपुर। जनपद में मौसम का यह मिजाज फसलों पर भी भारी पड़ने लगा है। खासकर आम की फसल के लिए कोहरा घातक माना जाता है। आम, पपीता और केला आदि की फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बागवानी विशेषज्ञों की मानें तो कोहरे से यह पौधे झुलस जाते हैं। बागवानी उप निदेशक डा. शशि शर्मा ने बागवानों से छोटे पौधों को हेशन क्लॉथ से ढककर रखने और बडे़ बगीचों में धुआं लगाएं।
देरी से खुल रही दुकानें, ट्रैफिक पर भी असर
बिलासपुर। कोहरे की मार ने जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। बाजार में दुकानें देरी से खुल रही है तो सड़कों पर ट्रैफिक भी घट गया है। हालांकि, बसों की आवाजाही जारी है, लेकिन छोटे वाहनों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है। सुबह आठ बजे तक वाहन चलाते हुए लाइटों को इस्तेमाल करना पड़ रहा है। एसपी कपिल शर्मा ने लोगों से वाहन चलाते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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